Aarti Saraswati
ЁЯзШ Category: Aarti
ЁЯУЕ 04/12/14
श्री सरस्वती जी की आरती
आरती कीजै सरस्वती जी की,
जनन विद्या बुद्धि भक्ति की ।टेक।
जाकी कृपा कुमति मिट जाये,
सुमिरण करत सुमति गति आये।
शुक सनकादिक जासु गुण गाये,
वाणी रूप अनादि शक्ति की ।टेक।
नाम जपत भ्रम छूटि दिए के,
दिव्य दृष्टि शिशु उदर हिय के
मिलहिं दर्श पावन सिय पिय के,
उड़ाई सुरभि युग-युग कीर्ति की ।टेक।
रचित जासु बल वेद पुराणा,
जेते ग्रन्थ रचित जगनाना
तालु छन्द स्वर मिश्रित गाना,
जो आधार कवि यदि सति की ।टेक।
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